दो शब्द महामारी के मानवों से हुए युद्ध में क्या बिना हथियारों के ही लड़ते रहे वैज्ञानिक ! किसी कड़ाही में दूध उबल रहा हो वो कब तक उबलेगा यदि इसका अनुमान पूर्वानुमान आदि लगाना है तो इसका वास्तविक कारण खोजना पड़ेगा | इसका कारण कड़ाही के नीचे आग का जलना है | आग जलने का कारण उसमें रखे ईंधन की मात्रा होती है | इसका मतलब आग जलने के लिए ईंधन जितनी देर का है| उतनी देर तक दूध उबलता रहेगा | दूध के उबलने का कारण दूध में नहीं है | वो तो आग के आधीन है और आग ईंधन के आधीन है | किसी कड़ाही में दूध उबल रहा हो तो वो कब तक उबलेगा | इसका अंदाजा उबलते हुए दूध को देखकर नहीं लगाया जा सकता है कि वो कब तक उबलेगा |इ सी प...
जिसप्रकार से किसी फिल्म में एक पटकथा लेखक होता है | एक निर्देशक होता है | कुछ अभिनेता होते हैं |पट कथा लेखक उस कहानी को लिखता है | निर्देशक उन कलाकारों को अभिनय के लिए प्रशिक्षित करता है | उसी पटकथा के अनुसार निर्देशक के निर्देशन में अभिनेता लोग अपनी अपनी भूमिका निभाते हैं | दर्शक लोग केवल अभिनय देखते हैं, समझदार लोग निर्देशन की बारीकियों पर भी ध्यान देते हैं ,जबकि ज्ञानी लोग पटकथा की गुणवत्ता को भी समझते हैं | इसी प्रकार से इस ब्रह्मांड का सृजन करने वाली सर्वोच्च शक्ति ही भूकंप आँधी तूफ़ान बज्रपात चक्रवात महामारी आदि प्राकृतिक घटनाओं की पटकथा लेखक होती है | उन घटनाओं को घटित कब कैसे होना है | उसका निर्देशन समय करता है | उस सर्वोच्च शक्ति की पटकथा के अनुशार समय के निर्देशन में भूकंप आँधी तूफ़ान बज्रपात चक्रवात महामारी आदि घटनाएँ घटित होती हैं | ये घटित होते रंगमंच अर्थात सामने दिखाई पड़ती हैं | यही उनका अभिनय होता है | विशेष बात ये है कि रंगमंच पर न तो पटकथा लेखक दिखाई पड़ता ह...