एक वर्ष के अंदर एक लावारिस मीटर की 4 बार श्रेणी बदला जाना, 2 बार मीटर बदला जाना, 2 बार इन्फोर्समेंट की रेड पड़ना | पेनाल्टी बिल माफ किया जाना, नित्य उपयोग किया जा रहा बिल माफ किया जाना, 2 बार व्यावसायिक मशीनें चलते रहने के बाद भी कमर्शियल मीटर हटाकर डोमेस्टिक मीटर लगा दिया जाना BSES के काम काज में व्याप्त पद दुरुपयोग , पक्षपातपूर्ण कार्य संचालन एवं भ्रष्टाचार पूर्ण कार्यशैली का संशय पैदा करता है | BSES में अपने कार्य करवाने के कुछ खुले नियम हैं जो जनजन को पता हैं | ऐसे नियमों को ताख में रखकर जब BSES के अधिकारी किसी को लाभ पहुँचाते हैं तो लापरवाही या भ्रष्टाचार लगता है | लापरवाही एक जगह या एक बार हो सकती है किंतु बार बार नियमों का उल्लंघन करके किसी एक व्यक्ति के गैरकानूनी रूप से बिजली का उपयोग करने में BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों के द्वारा गैर कानूनी रूप से साथ दिए जाने से भ्रष्टाचार का संशय होना स्वाभाविक ही है |
दो शब्द महामारी के मानवों से हुए युद्ध में क्या बिना हथियारों के ही लड़ते रहे वैज्ञानिक ! मृत्यु ,महामारी,आपदाएँ और दुर्घटनाएँ हमेंशा अचानक ही आया करती हैं | इनसे अपनी सुरक्षा तभी की जा सकती है जब इनसे सुरक्षा की तैयरियाँ इनके आने के पहले ही करके रख ली जाएँ | ऐसा किया जाना तभी संभव है जब ऐसी कौन घटना कब घटित होने वाली है | इसके बिषय में पहले से पूर्वानुमान पता हो तो सुरक्षा संबंधी मजबूत तैयारियाँ करने के लिए समय मिल सकता है | किसी घटना के बिषय में सही पूर्वानुमान लगाना तभी संभव है जब उस घटना के घटित होने का सही कारण पता हो | हर घटना के घटित होने का कोई न कोई कारण अवश्य होता होता है | कारण के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है | कारण...