दो शब्द महामारी के मानवों से हुए युद्ध में क्या बिना हथियारों के ही लड़ते रहे वैज्ञानिक ! मृत्यु ,महामारी,आपदाएँ और दुर्घटनाएँ हमेंशा अचानक ही आया करती हैं | इनसे अपनी सुरक्षा तभी की जा सकती है जब इनसे सुरक्षा की तैयरियाँ इनके आने के पहले ही करके रख ली जाएँ | ऐसा किया जाना तभी संभव है जब ऐसी कौन घटना कब घटित होने वाली है | इसके बिषय में पहले से पूर्वानुमान पता हो तो सुरक्षा संबंधी मजबूत तैयारियाँ करने के लिए समय मिल सकता है | किसी घटना के बिषय में सही पूर्वानुमान लगाना तभी संभव है जब उस घटना के घटित होने का सही कारण पता हो | हर घटना के घटित होने का कोई न कोई कारण अवश्य होता होता है | कारण के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है | कारण...
जिसप्रकार से किसी फिल्म में एक पटकथा लेखक होता है | एक निर्देशक होता है | कुछ अभिनेता होते हैं |पट कथा लेखक उस कहानी को लिखता है | निर्देशक उन कलाकारों को अभिनय के लिए प्रशिक्षित करता है | उसी पटकथा के अनुसार निर्देशक के निर्देशन में अभिनेता लोग अपनी अपनी भूमिका निभाते हैं | दर्शक लोग केवल अभिनय देखते हैं, समझदार लोग निर्देशन की बारीकियों पर भी ध्यान देते हैं ,जबकि ज्ञानी लोग पटकथा की गुणवत्ता को भी समझते हैं | इसी प्रकार से इस ब्रह्मांड का सृजन करने वाली सर्वोच्च शक्ति ही भूकंप आँधी तूफ़ान बज्रपात चक्रवात महामारी आदि प्राकृतिक घटनाओं की पटकथा लेखक होती है | उन घटनाओं को घटित कब कैसे होना है | उसका निर्देशन समय करता है | उस सर्वोच्च शक्ति की पटकथा के अनुशार समय के निर्देशन में भूकंप आँधी तूफ़ान बज्रपात चक्रवात महामारी आदि घटनाएँ घटित होती हैं | ये घटित होते रंगमंच अर्थात सामने दिखाई पड़ती हैं | यही उनका अभिनय होता है | विशेष बात ये है कि रंगमंच पर न तो पटकथा लेखक दिखाई पड़ता ह...