भूमिका महामारी पीड़ितों को रिसर्चों से क्या मिला ! महामारी आई और चली गई ,लेकिन भविष्य के लिए अनेकों अनुत्तरित प्रश्न छोड़ गई है | जिनके उत्तर वर्तमान में भले न खोजे जा सके हों लेकिन भविष्य के लिए अवश्य खोज कर रख लिए जाने चाहिए अन्यथा कोरोना महामारी के समय जितना जो कुछ जनधन का नुक्सान हुआ है वो तो जिस किसीप्रकार से सह लिया गया है किंतु भविष्य की महामारियों में इससे भी बड़ा नुक्सान हो सकता है | ऐसी कल्पना करनी चाहिए | नुक्सान की दृष्टि से देखा जाए तो भारत को पडोसी देशों के साथ लगभग 3 युद्ध लड़ने पड़े हैं | ...
जिसप्रकार से किसी फिल्म में एक पटकथा लेखक होता है | एक निर्देशक होता है | कुछ अभिनेता होते हैं |पट कथा लेखक उस कहानी को लिखता है | निर्देशक उन कलाकारों को अभिनय के लिए प्रशिक्षित करता है | उसी पटकथा के अनुसार निर्देशक के निर्देशन में अभिनेता लोग अपनी अपनी भूमिका निभाते हैं | दर्शक लोग केवल अभिनय देखते हैं, समझदार लोग निर्देशन की बारीकियों पर भी ध्यान देते हैं ,जबकि ज्ञानी लोग पटकथा की गुणवत्ता को भी समझते हैं | इसी प्रकार से इस ब्रह्मांड का सृजन करने वाली सर्वोच्च शक्ति ही भूकंप आँधी तूफ़ान बज्रपात चक्रवात महामारी आदि प्राकृतिक घटनाओं की पटकथा लेखक होती है | उन घटनाओं को घटित कब कैसे होना है | उसका निर्देशन समय करता है | उस सर्वोच्च शक्ति की पटकथा के अनुशार समय के निर्देशन में भूकंप आँधी तूफ़ान बज्रपात चक्रवात महामारी आदि घटनाएँ घटित होती हैं | ये घटित होते रंगमंच अर्थात सामने दिखाई पड़ती हैं | यही उनका अभिनय होता है | विशेष बात ये है कि रंगमंच पर न तो पटकथा लेखक दिखाई पड़ता ह...