दो शब्द महामारी के मानवों से हुए युद्ध में क्या बिना हथियारों के ही लड़ते रहे वैज्ञानिक ! किसी भी रोग से समाज को सुरक्षित बचाने के लिए या उस रोग से पीड़ित रोगी को रोगमुक्ति दिलाने के लिए उस रोग की पहचान की जानी सबसे पहले आवश्यक होती है |कोरोना महामारी की निश्चित पहचान पता ही नहीं है | कोरोना महामारी को जितना पहचाना गया | उसके आधार पर जो जो कुछ बताया गया और उसी के आधार पर महामारी बिषयक जो अनुमान पूर्वानुमान आदि लगाए गए | वे गलत निकलते चले गए | इससे ये प्रमाणित होता है कि जो पता लगाया गया था वो सही नहीं था |यदि वो सही होता तो उसके आधार पर लगाए गए अनुमान पूर्वानुमान आदि भी सही निकलते | उसके गलत निकलने का मतलब है कि महामारी ...